तमिलनाडु की राजनीति में सिनेमा और सत्ता का रिश्ता हमेशा से बेहद खास रहा है, Thalapathy Vijay Political Journey साल 2026 ने इस परंपरा को एक नए मुकाम तक पहुँचा दिया है। करोड़ों दिलों पर राज करने वाले सुपरस्टार चंद्रशेखरन जोसेफ विजय, जिन्हें दुनिया प्यार से ‘Thalapathy Vijay’ के नाम से जानती है, अब तमिलनाडु के मुख्यमंत्री-पदनाम (Chief Minister-designate) के रूप में नई जिम्मेदारी निभाने जा रहे हैं।
यह सिर्फ एक अभिनेता की राजनीतिक एंट्री नहीं, बल्कि एक ऐसे जननायक की कहानी है जिसने पर्दे से निकलकर जनता के दिलों में अपनी अलग पहचान बनाई। आइए जानते हैं, कैसे एक शर्मीले बाल कलाकार ने भारतीय सिनेमा के सबसे बड़े सितारों में जगह बनाई और फिर राजनीति में ऐतिहासिक जीत हासिल की।
🎬 फिल्मी करियर: ‘इलया थलपति’ बनने की कहानी
विजय का जन्म 22 जून 1974 को चेन्नई में हुआ। उनके पिता, प्रसिद्ध निर्देशक एस. ए. चंद्रशेखर और माता शोभा चंद्रशेखर (गायिका) ने उन्हें कला की विरासत दी।
1. बाल कलाकार से ‘रोमांटिक हीरो’ (1984 – 2002)
विजय ने 1984 में फिल्म ‘वेट्री’ से बाल कलाकार के रूप में शुरुआत की। 18 साल की उम्र में ‘नालैया थीरपू’ (1992) से मुख्य अभिनेता बने। शुरुआती आलोचनाओं के बाद, ‘पूवे उनक्कागा’ (1996) और ‘काधलुक्कू मरियाधई’ (1997) जैसी फिल्मों ने उन्हें घर-घर में लोकप्रिय बना दिया।
2. एक्शन किंग और बॉक्स ऑफिस के बादशाह (2003 – 2024)
- घिल्ली (2004): इस फिल्म ने विजय को ‘मास हीरो’ के रूप में स्थापित किया।
- ₹100 करोड़ क्लब: थुप्पाक्की (2012) के साथ उन्होंने बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ना शुरू किया।
- वैश्विक सफलता: मर्सल, सरकार, लियो और द ग्रेटेस्ट ऑफ़ ऑल टाइम जैसी फिल्मों ने उन्हें ₹300 करोड़ से ₹600 करोड़ तक की कमाई करने वाला ग्लोबल आइकन बना दिया।
🏛️ राजनीति में प्रवेश: ‘तमिलगा वेट्री कझगम’ (TVK)
फरवरी 2024 में, जब विजय अपने करियर के शिखर पर थे, उन्होंने एक चौंकाने वाला फैसला लिया। उन्होंने अपनी राजनीतिक पार्टी ‘तमिलगा वेट्री कझगम’ (TVK) की घोषणा की और सिनेमा से संन्यास लेने का ऐलान किया।
आखिर विजय ने राजनीति क्यों चुनी?
विजय ने हमेशा अपनी फिल्मों के जरिए सामाजिक संदेश दिए। भ्रष्टाचार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों पर उनकी मुखरता ने उन्हें जनता के बीच एक ‘मसीहा’ की छवि दी। उन्होंने “भ्रष्ट और वंशवादी राजनीति” के विकल्प के रूप में खुद को पेश किया।बाल कलाकार से अपने करियर की शुरुआत करने वाले विजय ने ‘घिल्ली’, ‘थुप्पाक्की’, ‘मर्सल’, ‘लियो’ और ‘GOAT’ जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्मों से भारतीय सिनेमा में अलग पहचान बनाई। फिल्मों में सामाजिक मुद्दों को उठाने वाले विजय ने 2024 में राजनीति में कदम रखा और भ्रष्टाचार, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे मुद्दों को अपना मुख्य एजेंडा बनाया।
🗳️ 2026 का चुनाव: एक ऐतिहासिक उलटफेर
मई 2026 में हुए तमिलनाडु विधानसभा चुनाव राज्य के इतिहास में निर्णायक साबित हुए।
- सबसे बड़ी पार्टी: विजय की पार्टी TVK 108 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी।
- पेराम्बुर की जीत: विजय ने स्वयं पेराम्बुर निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ा और ऐतिहासिक अंतर से जीत हासिल की।
- मुख्यमंत्री पद की राह: बहुमत के आंकड़े (118) के करीब पहुँचते हुए, उन्होंने कांग्रेस और अन्य छोटे दलों के समर्थन से सरकार बनाने का दावा पेश किया है।
विजय 7 मई 2026 को तमिलनाडु के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने जा रहे हैं।
⚖️ विवाद और चुनौतियाँ
सफलता के इस शिखर तक पहुँचने की राह आसान नहीं थी।
- फिल्मी विवाद: फिल्मों में धूम्रपान और शराब के दृश्यों को लेकर सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उनकी आलोचना की।
- धार्मिक विवाद: फिल्म ‘बीस्ट’ में मुस्लिम किरदारों के चित्रण को लेकर विवाद हुआ, जिसके कारण कुछ देशों में फिल्म पर प्रतिबंध भी लगा।
- पायरेसी: उनकी आखिरी फिल्म ‘जन नायकन’ रिलीज से पहले ही इंटरनेट पर लीक हो गई, जिससे प्रोडक्शन हाउस को भारी नुकसान हुआ।
👨👩👦 शुरुआती जीवन और परिवार
विजय एक धर्मनिरपेक्ष परिवार से आते हैं (पिता ईसाई, माँ हिंदू)। उनकी शुरुआती शिक्षा कोडांबक्कम के फातिमा स्कूल से हुई। उन्होंने लोयोला कॉलेज से विजुअल कम्युनिकेशन की पढ़ाई शुरू की, लेकिन अभिनय के लिए उसे बीच में ही छोड़ दिया। उनकी छोटी बहन विद्या की मृत्यु ने उनके जीवन पर गहरा प्रभाव डाला, जिसकी याद में उन्होंने कई सामाजिक कार्य किए हैं।
🏁 निष्कर्ष
थलापति विजय का मुख्यमंत्री बनना इस बात का प्रमाण है कि यदि इरादे नेक हों और जनता का साथ हो, तो पर्दे का नायक असली दुनिया का जननायक भी बन सकता है। तमिलनाडु अब एक ऐसे दौर में प्रवेश कर रहा है जहाँ “सिनेमा की चमक” और “प्रशासनिक जिम्मेदारी” का मिलन होगा
