MP के 4.5 लाख से अधिक NPS कर्मचारियों को UPS का विकल्प देने पर सरकार विचार कर रही है। समिति की रिपोर्ट दिसंबर तक आने की संभावना है। पूरी स्थिति जानें।
मध्य प्रदेश के लगभग साढ़े चार लाख सरकारी कर्मचारी और अधिकारी अभी राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS) में हैं। राज्य सरकार इन्हें केंद्र की एकीकृत पेंशन योजना (UPS) का विकल्प दे सकती है। यह जानकारी 20 अक्टूबर 2026 की एक रिपोर्ट में सामने आई है। फिलहाल यह प्रस्ताव अध्ययन के चरण में है, इसलिए इसे लागू हुआ फैसला न मानें।
मुख्य बातें
- मध्य प्रदेश के 4.5 लाख से अधिक NPS कर्मचारियों को UPS का विकल्प मिल सकता है।
- अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव की अध्यक्षता वाली समिति इस प्रस्ताव का अध्ययन कर रही है।
- समिति की रिपोर्ट दिसंबर तक सरकार को सौंपी जाने की उम्मीद है।
- अभी तक राज्य में UPS लागू करने का कोई आधिकारिक आदेश जारी नहीं हुआ है।
- केंद्र की UPS में 10 साल की सेवा पर न्यूनतम 10,000 रुपये मासिक पेंशन की गारंटी है।
पूरी खबर
मध्य प्रदेश में पुरानी पेंशन योजना (OPS) की बहाली की मांग लंबे समय से उठ रही है। कर्मचारी संगठन इसी मांग पर आंदोलन करते रहे हैं। इसी बीच सरकार के सामने NPS कर्मचारियों के लिए UPS का विकल्प लाने का विचार आया है।
केंद्र सरकार ने UPS को 1 अप्रैल 2025 से लागू किया था। इसमें केंद्र के NPS कर्मचारियों को NPS या UPS में से किसी एक को चुनने का विकल्प दिया गया। अब मध्य प्रदेश में भी इसी तरह का विकल्प देने पर विचार हो रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, अपर मुख्य सचिव मनु श्रीवास्तव की समिति अन्य राज्यों की व्यवस्थाओं का अध्ययन कर रही है। समिति कर्मचारी संगठनों से भी बातचीत कर रही है। उसकी विस्तृत रिपोर्ट दिसंबर तक आने की बात कही गई है। रिपोर्ट के बाद ही सरकार अंतिम फैसला लेगी।
UPS में क्या है?
केंद्र की UPS के प्रावधान रिपोर्ट में इस तरह बताए गए हैं:
- 10 साल की सेवा: न्यूनतम 10,000 रुपये मासिक निश्चित पेंशन की गारंटी।
- 25 साल की सेवा: रिटायरमेंट से पहले के 12 महीनों के औसत मूल वेतन का 50% पेंशन।
- परिवार पेंशन: कर्मचारी की मृत्यु होने पर परिवार को उसकी पेंशन का 60%।
यह केंद्र की योजना के प्रावधान हैं। मध्य प्रदेश में इनमें बदलाव हो सकता है।
UPS में क्या मिलता है?
केंद्र की UPS योजना के जो प्रावधान रिपोर्ट में बताए गए हैं, वे इस प्रकार हैं:
| शर्त | लाभ |
|---|---|
| कम से कम 10 वर्ष की सेवा | न्यूनतम 10,000 रुपये मासिक निश्चित पेंशन की गारंटी |
| 25 वर्ष की सेवा | अंतिम 12 महीनों के औसत मूल वेतन का 50% पेंशन |
| कर्मचारी की मृत्यु | परिवार को कर्मचारी की पेंशन का 60% पारिवारिक पेंशन |
ध्यान रखें कि ये प्रावधान केंद्र की योजना के हैं। मध्य प्रदेश में यदि UPS लागू होता है, तो इसकी शर्तें अलग हो सकती हैं। यह अभी तय नहीं है।
Important Details
- विचाराधीन स्थिति: समिति का गठन और दिसंबर की रिपोर्ट की समय-सीमा, दोनों एक ही मुख्य स्रोत पर आधारित हैं।
- पात्र कर्मचारी: वे कर्मचारी जो अभी NPS में हैं। राज्य सरकार के अंतिम नियम अभी तय नहीं हैं।
- केंद्र की UPS में सरकारी योगदान: 18.5% (बेसिक वेतन का), जबकि NPS में 14%। कर्मचारी का योगदान दोनों में 10% है। यह आंकड़ा आजतक की 2025 की रिपोर्ट पर आधारित है।
- केंद्र में लागू होने की तारीख: 1 अप्रैल 2025।
- कर्मचारी का निर्णय: केंद्र में NPS वाले कर्मचारी NPS या UPS में से चुन सकते थे। मध्य प्रदेश का मॉडल अलग हो सकता है।
आगे क्या होगा?
समिति की रिपोर्ट आने के बाद सरकार उस पर विचार करेगी। इसके बाद कैबिनेट या संबंधित विभाग स्तर पर फैसला होगा। फैसले का आधिकारिक आदेश वित्त विभाग या सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी होगा। तब तक इस खबर को अंतिम नीति न मानें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या मध्य प्रदेश में UPS लागू हो गया है?
नहीं। अभी यह प्रस्ताव अध्ययन के चरण में है। समिति की रिपोर्ट दिसंबर तक आने की उम्मीद है।
UPS का विकल्प किन कर्मचारियों को मिल सकता है?
रिपोर्ट के अनुसार, जो कर्मचारी अभी NPS में हैं, उन्हें यह विकल्प मिल सकता है। अंतिम पात्रता नियम सरकारी आदेश में ही तय होंगे।
क्या पुरानी पेंशन योजना वापस आ रही है?
इस खबर में OPS की बहाली की पुष्टि नहीं हुई है। कर्मचारी संगठन यह मांग कर रहे हैं, लेकिन सरकार का ऐसा कोई आधिकारिक फैसला सामने नहीं आया है।
UPS में न्यूनतम पेंशन कितनी है?
केंद्र की योजना में 10 साल की सेवा पर 10,000 रुपये मासिक न्यूनतम पेंशन का प्रावधान है। मध्य प्रदेश में यह राशि अलग हो सकती है।
सही जानकारी कहां मिलेगी?
मध्य प्रदेश सरकार के वित्त विभाग, जनसंपर्क विभाग (DPR) की विज्ञप्तियों और राजपत्र (Gazette) पर नजर रखें।
Sources / Fact-Check
Claim 1: मध्य प्रदेश के 4.5 लाख से अधिक कर्मचारियों को UPS का विकल्प मिल सकता है।
- Source: Lalluram, 20 अक्टूबर 2026
