भारत में बनेंगे Oppo, OnePlus, Realme के फोन! Amber Enterprises के साथ बड़ी डील

Oppo Mobiles India collaboration

Amber Enterprises India ने Oppo Mobiles के साथ मैन्युफैक्चरिंग डील की है। कंपनी पहले साल में Oppo, OnePlus, Realme के 80 लाख स्मार्टफोन बनाएगी। पढ़ें पूरी खबर।

भारत की इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज कंपनी Amber Enterprises India अब मोबाइल फोन बनाने के कारोबार में उतरने जा रही है। कंपनी ने Oppo Mobiles India Private Limited के साथ एक मैन्युफैक्चरिंग कोलैबोरेशन एग्रीमेंट साइन किया है, जिसके तहत वह Oppo, OnePlus और Realme तीनों ब्रांड्स के स्मार्टफोन तैयार करेगी। यह जानकारी कंपनी के एग्जिक्यूटिव चेयरमैन और सीईओ जसबीर सिंह ने कमाई से जुड़ी कॉल (earnings call) के दौरान दी।

पहले साल 80 लाख स्मार्टफोन बनाने का लक्ष्य

जसबीर सिंह के मुताबिक, Amber Enterprises अपने ऑपरेशन के पहले साल में करीब 80 लाख (80 lakh / 8 million) यूनिट्स Oppo ग्रुप के स्मार्टफोन ब्रांड्स की बनाएगी। दूसरे साल में इस प्रोडक्शन को दोगुना करके करीब 1.6 करोड़ (16 million) यूनिट्स तक ले जाने की योजना है।

कंपनी ने बताया कि इस डील का दायरा तीन ब्रांड्स — Oppo, OnePlus और Realme — तक फैला हुआ है। सिंह ने कहा कि ट्रायल प्रोडक्शन वित्त वर्ष 2026-27 (FY27) की चौथी तिमाही में शुरू होगा, जबकि कमर्शियल प्रोडक्शन वित्त वर्ष 2027-28 (FY28) की पहली तिमाही यानी मार्च 2027 वाली तिमाही से शुरू होने की उम्मीद है। कंपनी ने मोबाइल फोन वर्टिकल की अगुवाई के लिए एक चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) की नियुक्ति भी कर ली है।

असेट-लाइट मॉडल पर होगा कारोबार

रिपोर्ट्स के मुताबिक, Amber Enterprises इस नई मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग यूनिट को सबलीज अरेंजमेंट के जरिए असेट-लाइट मॉडल पर चलाएगी, यानी इसमें भारी-भरकम पूंजी निवेश की जरूरत नहीं होगी। जून 2026 में सामने आई रिपोर्ट्स के अनुसार, इस पूरे कोलैबोरेशन के लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर (capex) ₹50 करोड़ से भी कम रहने का अनुमान है, जो हाई-वॉल्यूम मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग सेगमेंट में एक बेहद कम निवेश माना जा रहा है।

चीनी ब्रांड्स क्यों अपना रहे हैं असेट-लाइट मॉडल?

Oppo का Amber Enterprises की तरफ शिफ्ट होना इस बात का संकेत है कि BBK Electronics ग्रुप से निकले चीनी मोबाइल ब्रांड्स अब भारत में अपनी सीधी मैन्युफैक्चरिंग मौजूदगी घटाकर असेट-लाइट मॉडल की तरफ बढ़ रहे हैं। गौरतलब है कि Oppo और Vivo मूल रूप से चीन की BBK Electronics के तहत स्थापित हुए थे, हालांकि अब दोनों कंपनियां स्वतंत्र रूप से काम करती हैं। फिलहाल भारतीय बाजार के लिए Oppo के स्मार्टफोन Vivo की नोएडा स्थित फैक्ट्री में भी बनाए जाते हैं।

इसी तरह की एक और बड़ी हलचल में, Vivo भी अपने मैन्युफैक्चरिंग प्लांट को Dixon Technologies के साथ बन रहे एक ज्वाइंट वेंचर में ट्रांसफर करने की योजना पर काम कर रही है।

इसके अलावा, Vivo और Oppo दोनों को भारत में रेगुलेटरी जांच का भी सामना करना पड़ा है। Vivo के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय (Enforcement Directorate) कार्रवाई कर चुका है, वहीं Oppo की जांच टैक्स से जुड़े मामलों को लेकर राजस्व खुफिया निदेशालय (Directorate of Revenue Intelligence) कर चुका है।

भारत के स्मार्टफोन बाजार में कहां खड़े हैं ये ब्रांड्स?

Counterpoint Research के आंकड़ों के अनुसार, 2026 की दूसरी तिमाही (Q2 2026) में Vivo 17.8% मार्केट शेयर के साथ भारत का सबसे बड़ा स्मार्टफोन ब्रांड बना रहा। इसके बाद Samsung 17.6% शेयर के साथ दूसरे और Oppo 13.6% शेयर के साथ तीसरे नंबर पर रहा। अगर Vivo और Oppo ग्रुप से जुड़े सभी ब्रांड्स — जिनमें iQoo, Realme और OnePlus भी शामिल हैं — को मिला दिया जाए, तो इनकी कुल हिस्सेदारी Q2 2026 में भारतीय स्मार्टफोन बाजार में 45.6% रही।

Amber Enterprises के लिए क्यों अहम है यह डील?

Amber Enterprises अब तक मुख्य रूप से एयर कंडीशनर और होम अप्लायंस कंपोनेंट्स बनाने के लिए जानी जाती रही है। मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग में एंट्री कंपनी के लिए एक बड़ा बिजनेस पिवट है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में ₹3,888 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया था, जो सालाना आधार पर 13% की ग्रोथ दिखाता है।

हालांकि, कंपनी के बेयर PCB (प्रिंटेड सर्किट बोर्ड) बिजनेस में मार्जिन पर दबाव बना हुआ है। जसबीर सिंह ने बताया कि कॉपर-क्लैड लैमिनेट (CCL) की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस व डेटा सेंटर की बढ़ती मांग के चलते आगे भी इनमें तेजी बने रहने की आशंका है। कंपनी इस कॉस्ट बढ़ोतरी का बोझ कुछ देरी के साथ क्लाइंट्स पर डाल रही है।

निवेशकों और इंडस्ट्री जानकारों के लिए अब यह देखना अहम होगा कि Amber बिना किसी बड़ी ऑपरेशनल देरी या कॉस्ट ओवररन के इस बड़े प्रोडक्शन रैंप-अप को कैसे अंजाम देती है, और मोबाइल डिवीजन का कम-मार्जिन कारोबार कंपनी के समग्र प्रॉफिट मार्जिन को किस तरह प्रभावित करता है।


Amber Enterprises है कौन? — AC कंपनी से मोबाइल मैन्युफैक्चरर तक का सफर

ज्यादातर लोगों के लिए Amber Enterprises एक जानी-पहचानी “AC कंपनी” है, और यह पहचान गलत भी नहीं है। 1990 में स्थापित यह कंपनी भारत के रूम एयर कंडीशनर (RAC) ओईएम/ओडीएम बाजार में करीब 25-27% हिस्सेदारी के साथ मार्केट लीडर है और देश के लगभग हर बड़े AC ब्रांड के लिए बतौर कॉन्ट्रैक्ट मैन्युफैक्चरर काम करती है।

लेकिन बीते कुछ सालों में कंपनी की पहचान तेजी से बदल रही है। Amber अब तीन बिजनेस सेगमेंट्स में काम करती है — कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (AC और उसके कंपोनेंट्स), इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS), और रेलवे सबसिस्टम व मोबिलिटी। दिलचस्प बात यह है कि FY18 में कंपनी के कंज्यूमर ड्यूरेबल्स रेवेन्यू का 72% हिस्सा पूरी तरह असेंबल्ड, ब्रांडेड AC यूनिट्स से आता था, जो FY26 में घटकर सिर्फ 47% रह गया है। यानी कंपनी जानबूझकर सिर्फ “असेंबली” से हटकर हायर-मार्जिन वाले कंपोनेंट्स और सब-असेंबली बिजनेस की तरफ शिफ्ट हो रही है।

EMS डिवीजन के तहत Amber की सब्सिडियरीज ILJIN Electronics, EVER Electronics और Ascent Circuits पहले से ही PCB असेंबली, स्मार्टवॉच, ब्लूटूथ स्पीकर और टेलीकॉम इक्विपमेंट जैसे इलेक्ट्रॉनिक्स प्रोडक्ट्स बना रही हैं। स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरिंग में एंट्री इसी डायवर्सिफिकेशन स्ट्रैटेजी की अगली बड़ी कड़ी मानी जा रही है।

Amber अकेली नहीं — Vivo-Dixon डील से भी जुड़ी हैं कड़ियां

Amber-Oppo डील अकेली घटना नहीं है, बल्कि यह भारत में चीनी स्मार्टफोन ब्रांड्स की एक बड़ी रणनीतिक शिफ्ट का हिस्सा है। जहां Oppo ग्रुप (Oppo, OnePlus, Realme) असेट-लाइट मॉडल के लिए Amber Enterprises की तरफ बढ़ा है, वहीं दूसरी ओर Vivo भी अपने मैन्युफैक्चरिंग प्लांट को Dixon Technologies के साथ बन रहे एक अलग ज्वाइंट वेंचर में ट्रांसफर करने की तैयारी में है।

पहलूAmber Enterprises – Oppo ग्रुप डीलVivo – Dixon Technologies JV
कवर होने वाले ब्रांडOppo, OnePlus, Realmeसिर्फ Vivo
मॉडलअसेट-लाइट, सबलीज अरेंजमेंटज्वाइंट वेंचर के जरिए प्लांट ट्रांसफर
पहले साल का प्रोडक्शन लक्ष्य~80 लाख यूनिट्सअभी सार्वजनिक रूप से घोषित नहीं
कंपनी की मुख्य पहचानAC/HVAC + EMS + रेलवेकंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स EMS लीडर
कमर्शियल शुरुआतQ1 FY28 (मार्च 2027 तिमाही)प्रक्रिया जारी

दोनों डील्स मिलाकर यह साफ संकेत देती हैं कि BBK Electronics ग्रुप से निकले Vivo और Oppo, दोनों ही अब भारत में डायरेक्ट फैक्ट्री ओनरशिप की बजाय स्थानीय पार्टनर्स के जरिए मैन्युफैक्चरिंग कराने की रणनीति अपना रहे हैं — शायद बढ़ती रेगुलेटरी स्क्रूटनी और कंप्लायंस लागत को देखते हुए।

यह डील भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग इकोसिस्टम के लिए क्यों अहम है?

  1. PLI स्कीम को मिलेगा बढ़ावा: भारत सरकार की Production-Linked Incentive (PLI) स्कीम पहले से इलेक्ट्रॉनिक्स और HVAC सप्लाई चेन को सपोर्ट कर रही है। Amber जैसी घरेलू कंपनी का हाई-वॉल्यूम स्मार्टफोन मैन्युफैक्चरिंग में उतरना इस स्कीम के मकसद — “मेक इन इंडिया” को इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर में गहराई देना — के अनुरूप है।
  2. डोमेस्टिक EMS प्लेयर्स के लिए नया रेवेन्यू पूल: अब तक भारत में स्मार्टफोन असेंबली ज्यादातर Foxconn, Dixon, Vivo और Oppo की अपनी फैक्ट्रियों तक सीमित थी। Amber जैसी कंपनी का एंट्री लेना दिखाता है कि हाई-वॉल्यूम मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग अब सिर्फ चंद बड़े नामों तक सीमित नहीं रह जाएगी।
  3. रोजगार और सप्लाई चेन इफेक्ट: 80 लाख यूनिट्स सालाना प्रोडक्शन का मतलब है असेंबली लाइन जॉब्स, कंपोनेंट सप्लायर नेटवर्क और लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम में इजाफा — खासकर अगर दूसरे साल यह आंकड़ा 1.6 करोड़ यूनिट्स तक पहुंचता है।
  4. निवेशकों के लिए रिस्क भी: मोबाइल फोन मैन्युफैक्चरिंग पारंपरिक रूप से कम-मार्जिन वाला बिजनेस माना जाता है। Amber के लिए चुनौती यह होगी कि वह इस नए, बड़े-वॉल्यूम लेकिन पतले-मार्जिन वाले सेगमेंट को अपने मौजूदा हाई-मार्जिन कंपोनेंट बिजनेस के साथ बैलेंस कैसे करे, बिना ओवरऑल प्रॉफिटेबिलिटी पर असर डाले।

FAQ Schema

Q1: Amber Enterprises किन ब्रांड्स के स्मार्टफोन बनाएगी?

A: Amber Enterprises India, Oppo Mobiles India के साथ हुए एग्रीमेंट के तहत Oppo, OnePlus और Realme तीनों ब्रांड्स के स्मार्टफोन बनाएगी।

Q2: Amber Enterprises पहले साल में कितने स्मार्टफोन बनाएगी?

A: कंपनी ने पहले साल में करीब 80 लाख (8 मिलियन) यूनिट्स स्मार्टफोन बनाने का लक्ष्य रखा है, जिसे दूसरे साल में दोगुना करके करीब 1.6 करोड़ यूनिट्स तक ले जाने की योजना है।

Q3: यह प्रोडक्शन कब से शुरू होगा?

A: ट्रायल प्रोडक्शन FY27 की चौथी तिमाही में शुरू होगा, जबकि कमर्शियल प्रोडक्शन मार्च 2027 वाली तिमाही (FY28 की पहली तिमाही) से शुरू होने की उम्मीद है।

Q4: क्या इस डील के लिए भारी निवेश किया जा रहा है?

A: नहीं, यह डील असेट-लाइट (सबलीज) मॉडल पर आधारित है और इसके लिए कैपिटल एक्सपेंडिचर ₹50 करोड़ से कम रहने का अनुमान है।

Q5: भारतीय स्मार्टफोन बाजार में फिलहाल किसका दबदबा है?

A: Counterpoint Research के मुताबिक, Q2 2026 में Vivo 17.8% शेयर के साथ टॉप पर, Samsung 17.6% के साथ दूसरे और Oppo 13.6% के साथ तीसरे नंबर पर रहा।

Q6: Amber Enterprises पहले से किस बिजनेस में जानी जाती है?

A: Amber Enterprises भारत की सबसे बड़ी रूम एयर कंडीशनर (RAC) ओईएम/ओडीएम कंपनी है, जिसकी इस सेगमेंट में करीब 25-27% मार्केट हिस्सेदारी है। कंपनी AC कंपोनेंट्स, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज (EMS) और रेलवे सबसिस्टम्स में भी सक्रिय है।

Q7: क्या Vivo भी इसी तरह की कोई डील कर रही है?

A: हां, Vivo अलग से अपने मैन्युफैक्चरिंग प्लांट को Dixon Technologies के साथ बन रहे एक ज्वाइंट वेंचर में ट्रांसफर करने की योजना पर काम कर रही है, हालांकि इसका पैमाना और टाइमलाइन Amber-Oppo डील से अलग है।

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